केतार(गढ़वा):पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा केतार प्रखंड में जलस्तर बढ़ाने एवं सड़क पर बहती पानी को एक सुनिश्चित स्थान पर स्टोर कर गांव को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से सोखता निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। पेयजल विभाग की ओर से प्रत्येक सोखता के निर्माण के लिए 9,672 रुपये की राशि निर्धारित की गई है।परन्तु प्रखंड के पाचाडुमर पंचायत में निर्माण कार्य में बड़ी अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है, जिससे ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों में आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों की शिकायत पर बुधवार को विधायक प्रतिनिधि सुरेश कुमार तथा प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि सुरेंद्र प्रसाद ने पचाडुमर और बीजडीह गांव पहुंचकर निर्माणाधीन सोखता की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर सोखता निर्माण में घटिया गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा सोखता में पानी के निकास के लिए आवश्यक छेद भी नहीं छोड़े जा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। इस मौके पर प्रमुख प्रतिनिधि सुरेंद्र प्रसाद, श्याम बिहारी सिंह, ग्रामीण रामप्रवेश राम, लक्ष्मी देवी, देवन्ती देवी, बुधराम, लालती देवी एवं ललिता देवी, प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि निर्माण में मानक एवं रूप गहराई नहीं की जा रही है तथा जेसीबी से जैसे तैसे गढढा खोदा जा रहा है। इसमें उपयोग की जा रही ईंटें काफी कमजोर हैं हाथ से ही टूट जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश या पानी पड़ने पर ये ईंटें जल्दी गल सकती हैं, जिससे सरकार की राशि की बर्बादी होगी। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक से संवेदक पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।विधायक प्रतिनिधि सुरेश कुमार ने बताया कि नियमानुसार सोखता के लिए चार फीट गहरा और तीन फीट चौड़ा गड्ढा बनाया जाना चाहिए तथा नीचे पिससी से ढलाई की जानी चाहिए। लेकिन कई जगहों पर जाली नहीं लगाई गई है और घटिया ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे कार्य की ठेकेदारी एक ही व्यक्ति को दे दी गई है, जिससे मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि सुरेंद्र प्रसाद ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही संबंधित एजेंसी को भुगतान किया जाना चाहिए ताकि सरकारी योजना का लाभ सही तरीके से ग्रामीणों तक पहुंच सके।प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

