भंडरिया बड़गड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम बड़गड़ में संचालित झारखंड ग्रामीण बैंक (जेआरजेबी) के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. सीएसपी संचालक शुभम कुमार ने बैंक प्रबंधन एवं संबंधित कर्मचारियों पर साजिश के तहत झूठा आरोप लगाकर सीएसपी बंद कराने, अवैध रूप से ₹50,000 की मांग करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. इस संबंध में CSP संचालक ने झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, रांची के अध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है. आवेदन में CSP संचालक शुभम कुमार ने बताया है कि वे विगत आठ वर्षों से JRGB बड़गड़, बीआर कोड 246 के अंतर्गत CSP का संचालन कर ग्रामीणों को बैंकिंग सेवा उपलब्ध करा रहे थे. आरोप है कि बैंक के आदेशपाल हेमंत कुमार उर्फ नंदलाल राम एवं मैनेजर कृष्णा राम द्वारा साजिश के तहत CSP पर बैंक के कागजात का प्रिंट आउट, ज़ेरॉक्स एवं फोटो का कार्य निःशुल्क कराना चाहते थे. आवेदन के अनुसार, करीब नौ माह पूर्व इलेक्ट्रॉनिक दुकान से उधार लेकर पंखा खरीदा गया था, जिसका भुगतान शेष था. 24 दिसंबर 2025 को जब CSP संचालक ने निःशुल्क कार्य करने में असमर्थता जताई तो CSP कोड 1VMM2463 को ब्लॉक कराने की धमकी दी गई.
बुजुर्ग महिला के नाम पर झूठा आरोप, वीडियो प्रमाण होने का दावा
शुभम कुमार ने आरोप लगाया कि 30 दिसंबर 2025 को साजिश के तहत ग्राम बोडरी निवासी बुजुर्ग महिला दिलमोहनी देवी को सामने लाकर झूठा आरोप लगाया गया कि CSP से अवैध रूप से पैसा निकासी की गई है. जबकि स्वयं महिला द्वारा सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया गया कि उन्हें पैसा मिला है, जिसका वीडियो एवं लिखित प्रमाण उपलब्ध है. इसके बावजूद 31 दिसंबर 2025 को ग्रामीणों को यह बताया गया कि CSP द्वारा पिछले एक वर्ष में ₹32,000 की अवैध निकासी की गई है. मामले की तथाकथित जांच के नाम पर कुछ लोगों द्वारा महिला के घर जाकर दबाव बनाते हुए आवेदन पर हस्ताक्षर भी कराए गए, जबकि बिना सत्यापन के CSP को दोषी ठहराने का प्रयास किया गया. आवेदन में कहा गया है कि CSP को चालू रखने के एवज में आदेशपाल हेमंत कुमार द्वारा ₹50,000 की अवैध मांग की गई. राशि देने से इंकार करने पर 21 जनवरी 2026 को ईमेल के माध्यम से CSP को सस्पेंड कर दिया गया. 22 जनवरी 2026 को CSP संचालक ने क्षेत्रीय कार्यालय पलामू जाकर पूरे मामले से अधिकारियों को अवगत कराया, जहां उन्हें आश्वासन दिया गया कि निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. हालांकि 4 फरवरी 2026 को CSP का विजिट तो किया गया, लेकिन जांच के नाम पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और संबंधित आदेशपाल को पुनः बहाल कर दिया गया. ग्रामीणों में रोष, निष्पक्ष जांच की मांग 7 फरवरी 2026 को पुनः क्षेत्रीय कार्यालय पलामू जाकर CSP संचालक ने शिकायत दर्ज कराई, जहां जांच के नाम पर खानापूर्ति किए जाने की बात सामने आई. इससे ग्रामीणों और CSP संचालक में भारी आक्रोश है.ग्रामीणों का कहना है कि यदि CSP जैसे ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था के अहम स्तंभ के साथ इस प्रकार अन्याय किया जाएगा, तो आम जनता का बैंकिंग व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा. लोगों ने उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और CSP संचालक को न्याय दिलाने की मांग की है. सीएसपी संचालक ने कहा है कि इसके पूर्व भी साजिश के तहत बैंक प्रबंधन के द्वारा एक सीएसपी केंद्र को बंद कराया गया है.
इधर इस संबंध में पुछे जाने पर शाखा प्रबंधक कृष्णा राम ने कहा कि सीएसपी संचालक द्वारा बैंक प्रबंधन पर लगाया गया आरोप गलत है. खाता धारक के शिकायत पर इसकी सूचना वरीय प्रबंधक को दी गई थी. बैंक पर झूठा आरोप लगाने के विरूद्ध सीएसपी संचालक पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही.

