रमना प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह से ही घना कोहरा छाए रहने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कोहरे की तीव्रता इतनी अधिक रही कि सुबह के समय कई इलाकों में 10 मीटर तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। सड़कों, खेतों और मुख्यालयों में सफेद धुंध की मोटी परत छा जाने से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ा। राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, वहीं ट्रक और बस चालकों ने हेडलाइट व फॉग लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से वाहन चलाया। कई जगहों पर वाहन चालकों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सड़कों के किनारे वाहन खड़े कर दिए, जिससे यातायात आंशिक रूप से बाधित रहा। कोहरे के कारण स्कूल जाने शिक्षकों और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं बसों के देर से चलने और समय पर न पहुंचने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से प्रखंड मुख्यालय आने वाले लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। घने कोहरे और बढ़ती ठंड का असर आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। सर्द हवा और नमी के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। वही ठंड से बचाव के लिए लोग सुबह-सुबह अलाव जलाकर तापते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार पड़ रहे कोहरे से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूर देर से निकल पा रहे हैं। हालांकि बारह बजे के बाद भास्कर सूर्य का दर्शन हुआ, लेकिन पूरे दिन भर लोग गर्म कपड़े पहने दिखे।

