केतार(गढ़वा):झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक दर्दनाक घटना सामने आई है। केतार प्रखंड के ताली गांव निवासी पंकज गुप्ता के नवजात पुत्र की बुधवार को समय पर एंबुलेंस सेवा न मिलने के कारण मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पीड़ित पिता पंकज गुप्ता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे केतार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उनकी पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया था। घर में बेटे के आने की खुशी से पूरा परिवार प्रफुल्लित था। हालांकि जन्म के तुरंत बाद प्रसव कक्ष में तैनात एएनएम सुलेखा कुमारी ने बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के लिए रेफर कर दिया।तुरंत मदद के लिए परिजनों ने 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा पर फोन किया।फोन पर चालक ने तुरंत रवाना होने का भरोसा दिया था, लेकिन एंबुलेंस पूरे दो घंटे की देरी से पहुंची और चालक ने गाड़ी खराब होने की बात कही।जैसे-तैसे परिजन नवजात को लेकर भवनाथपुर सीएचसी पहुंचे,जहां दोपहर करीब ढाई बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया।डॉक्टरों के मुंह से यह सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया।
घटना के बाद से पीड़ित पिता पंकज गुप्ता ने 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। समय पर वाहन मिल जाता,तो शायद आज मासूम की सांसे न थमर्तीं—यह सवाल अब हर किसी की जुबान पर है।

