केतार राजकीय उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, छाताकुण्ड में मूल प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर शुक्रवार को विवाद हो गया। प्रमाण पत्र लेने पहुंचे कुछ बच्चों और विद्यालय प्रबंधन के बीच कहासुनी के बाद मामला कथित हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के बाद विद्यालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार, अनुज कुमार, मनीष कुमार समेत अन्य दो लोग मूल प्रमाण पत्र लेने विद्यालय पहुंचे थे। बताया गया कि पिछले चार दिनों से प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण वे नाराज थे। विद्यालय में प्रभार की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आई। लगातार इंतजार के बाद नाराजगी बढ़ती गई और मामला विवाद में बदल गया।
डंडा लेकर और शराब के नशे में पहुंचने का शिक्षकों ने लगाया आरोप
विद्यालय के शिक्षकों का आरोप है कि विवाद में शामिल कुछ युवक नियमित छात्र नहीं थे। शिक्षकों के अनुसार, कुछ युवक बच्चों को बहलाकर शराब के नशे में विद्यालय पहुंचे और कथित तौर पर मारपीट के उद्देश्य से डंडा लेकर आए थे। आरोप है कि डंडे विद्यालय परिसर के बाहर छिपाकर रखे गए थे। इसी दौरान मूल प्रमाण पत्र को लेकर प्रभारी प्रधानाध्यापक शैलेश कुमार के साथ कथित हाथापाई की गई। इसके बाद प्रधानाध्यापक ने फोन से केतार थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस विद्यालय पहुंची, लेकिन तब तक विवाद में शामिल बताए जा रहे लोग मौके से निकल चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कर दी।मामले को लेकर थाना प्रभारी ने कहा कि विद्यालय में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और विद्यालय का माहौल शांतिपूर्ण रहना जरूरी है। वहीं, यदि कोई युवक शराब के नशे में विद्यालय परिसर में हंगामा करता है या गलत गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पूरे मामले में चार दिनों से प्रमाण पत्र नहीं मिलने, विद्यालय में सम्पूर्ण प्रभार की स्थिति और कथित हाथापाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

