बंशीधर नगर:जहाँ एक तरफ सरकार खेतों की सिंचाई और जल संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है तथा सिंचाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ जमीन माफिया तालाबों की सस्ती जमीन खरीदकर उस पर प्लाटिंग कर महंगे दामों में बेचने की तैयारी में जुटे हैं।मामला नगर उंटारी प्रखंड के राजस्व ग्राम कोल्हुआ स्थित कौड़िया तालाब और पथलही तालाब का है। ग्रामीणों के अनुसार माफियाओं द्वारा तालाब के डूब क्षेत्र की जमीन को औने-पौने दाम में खरीदकर उस पर मिट्टी भराई कर कब्जा करने का प्रयास पिछले शनिवार से किया जा रहा है। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद रविवार को पुनः मिट्टी भराई शुरू कर दी गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने थाना प्रभारी एवं सीओ को सूचना दी। पुलिस और सीआई के मौके पर पहुंचने के बाद फिलहाल कार्य रोक दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कौड़िया तालाब वर्षों पुराना है तथा इसकी कई बार मरम्मत भी कराई जा चुकी है। नक्शे के अनुसार विभिन्न प्लॉटों से घिरा यह तालाब लगभग 300 से 500 एकड़ खेतों की सिंचाई का मुख्य स्रोत है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन प्लॉटों को डूब क्षेत्र माना जाना चाहिए, उन्हें आज तक सरकारी रूप से डूब क्षेत्र घोषित नहीं किया गया, जिसके कारण उनकी खरीद-बिक्री हो रही है और अब मिट्टी भराई कर तालाब को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में लगभग 4 से 5 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा के जंगलों से पानी पइन क्षेत्र के माध्यम से तालाब तक पहुंचता है। यदि तालाब को भर दिया गया तो सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। साथ ही बरसात का पानी गांव के उत्तरवारा टोला में घुसने से हर वर्ष बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। किसानों की खेती चौपट हो जाएगी, जिससे पलायन और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कौड़िया और पथलही तालाब के अंदर की जमीन को डूब क्षेत्र घोषित किया जाए या फिर तालाब के बांधों को समतल कर स्थायी समाधान निकाला जाए। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कोल्हुआ गांव में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 90 प्रतिशत है।
फिलहाल अंचल प्रशासन एवं थाना पुलिस की मदद से मिट्टी भराई का कार्य बंद करा दिया गया है।
:-क्या है स्थिति-:
नक्शा में उत्तर दिशा में प्लॉट संख्या 110, दक्षिण दिशा में प्लॉट संख्या 178,पूर्व दिशा में प्लाट संख्या 149 तथा पास प्लाट संख्या 140 में बांध बना हुआ है।जब कि प्लॉट संख्या 141,142,143, 144,145,146,1146,1147,1148,1149,1150,1151,1152,1153,1154 तथा 1156 डूब क्षेत्र है। जिससे लगभग 300-500 एकड़ खेत की सिचाई किया जाता है। लेकिन उपर्युक्त प्लाटों को सरकार द्वारा आज तक डूब क्षेत्र घोषित नही किया गया। जिससे डूब क्षेत्र की जमीन का खरीदी बिक्री किया जा रहा है।माफिया द्वारा उसी जमीन को रैयत प्लाट बता कर मिट्टी भरने का प्रयास किया जा रहा है।

