
सगमा (गढ़वा):सगमा प्रखंड के घघरी गांव निवासी प्रगतिशील किसान दीपक यादव इन दिनों गरमा मोमफली की खेती कर क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। उनके खेत में एक बीघे में लगी मोमफली की फसल लहलहा रही है, जिसे देखने के लिए आसपास के किसान पहुंच रहे हैं और उनकी खेती की सराहना कर रहे हैं। दीपक यादव ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष पहले प्रयोग के तौर पर गरमा मोमफली की खेती शुरू की थी। शुरुआत में उन्हें अच्छी सफलता मिली, जिसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ जाकर मोमफली की खेती की जानकारी प्राप्त की।
वहां से बीज लाकर करीब दस कठ्ठा भूमि में खेती की। इस खेती में मात्र दो हजार रुपये की लागत आई और तीन महीने बाद लगभग चार क्विंटल मोमफली का उत्पादन हुआ। बाजार में फसल बेचने पर उन्हें करीब बीस हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। अच्छे मुनाफे को देखते हुए इस वर्ष उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाकर एक बीघा कर दिया है। इस बार करीब चार हजार रुपये की लागत आई है और उन्हें उम्मीद है कि कम से कम आठ क्विंटल उत्पादन होगा, जिससे लगभग चालीस हजार रुपये की आमदनी हो सकती है। उन्होंने कहा कि गरमा मोमफली की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली खेती है। सगमा प्रखंड की मिट्टी इसके लिए काफी अनुकूल है। बोआई के बाद केवल सिंचाई की जरूरत पड़ती है और अन्य खर्च बेहद कम होता है। दीपक यादव की पहल क्षेत्र के किसानों को नई दिशा देने का काम कर रही है।

