डंडई(गढ़वा): प्रखंड मुख्यालय डंडई में सोमवार को यूजीसी बिल के समर्थन में एससी, एसटी, ओबीसी एकता मंच समिति द्वारा एक भव्य रैली एवं सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के महापुरुषों को नमन के साथ की गई। समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सबसे पहले अमर शहीद नीलांबर-पीतांबर तथा भारतीय संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उनके विचारों को आत्मसात करने और सामाजिक न्याय की राह पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के पूर्व प्रखंड कार्यालय डंडई से रैली की शुरुआत हुई। रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए अंबेडकर चौक के पास सभा स्थल तक पहुंची। इस दौरान हाथों में बैनर और तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने यूजीसी बिल के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा नेता गोरखनाथ चौधरी ने कहा कि यह बिल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रामभजन गुप्ता ने कहा कि देश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व और अवसर मिलना अत्यंत आवश्यक है। केतार से चलकर आए छोटन कुमार सिंह ने कहा कि यूजीसी बिल के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में सुधार, संसाधनों का समुचित वितरण तथा वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उप प्रमुख प्रतिनिधि रामाशीष प्रसाद ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज में समानता और विकास संभव है। कार्यक्रम को दशरथ चौधरी, प्रमोद राम, सुरेश प्रसाद, पंकज विश्वकर्मा, महेंद्र चौधरी, मोहन पासवान, तेज बहादुर सिंह, अलख निरंजन प्रसाद, दिनेश राम,शोक प्रसाद, महेश्वर राम, अक्षय कुमार, संदेश राम, सहित अन्य ने भी संबोधित किया।समिति के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त हथियार बताया था। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को आगे बढ़ाते हुए ऐसी नीतियों का समर्थन करें जो समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा का लाभ पहुंचाएं।

