रविकांत चंद्रवंशी
केतार(गढ़वा):प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।शुक्रवार सुबह से ही पूरा केतार प्रखंड घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आया।आलम यह है कि विजिबिलिटी (दृश्यता) 10 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है।ठिठुरन ने मुश्किलें बढ़ा दी।पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है।न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।सुबह और शाम के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों,दैनिक मजदूरों और पशुपालकों को हो रही है।कोहरे के कारण यातायात और खेती पर असर देखा गया।मुख्य सड़क पर वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। हेडलाइट जलाकर भी गाड़ी चलाना चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।वही किसानों का कहना है कि लगातार पड़ रहे कुहासे और ओस के कारण रबी की फसलों, विशेषकर दलहन और तिलहन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।इस कड़ाके की ठंडी में अलाव ही एकमात्र सहारा है। लोग खुद से कूड़ा-करकट जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से चौक-चौराहों पर अलाव जलाने और गरीब व असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण की मांग की है।वही प्रखंड क्षेत्र के मुकुंदपुर आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को मुखिया मूंगा साह बीडीसी प्रतिनिधि इम्तियाज आलम,वार्ड सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से नन्हे बच्चों को स्वेटर दिया। ताकि बच्चों को स्वास्थ्य प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और वें सुरक्षित रहे।इस मौके पर आंगनबाड़ी सेविका अनु देवी,दीपक वर्मा, संतोष कमलापुरी,अरविंद वियार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

