Last Updated:November 16, 2025, 12:25 IST
Assam Rifles-CRPF Action: पूर्वोत्तर राज्यों में स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ज्वाइंट टीम अक्सर अभियान चलाती रहती है. इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही तस्करी और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाना भी है.
Assam Rifles-CRPF Action: मणिपुर पुलिस, असम राइफल और CRPF की ज्वाइंट टीम ने 470 एकड़ में लगे अफीम को नष्ट कर दिया है. (फाइल फोटो)
Assam Rifles-CRPF Action: असम राइफल्स और CRPF की टीम मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर नशे की फसल को मिट्टी में मिलाया है. तकरीबन 470 एकड़ में लगी अफीम या पोस्ता (Poppy) की फसल को तबाह कर दिया है. अफीम की खेती की सुरक्षा के लिए बनाई गई झोपड़ियों को भी जला दिया गया है. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से हंगामा मच गया. नशे की फसल उगाने वाले इधर से उधर भागने लगे. बता दें कि सुरक्षाबलों की टीम समय-समय पर इस तरह की कार्रवाई करती रहती है, ताकि नशे के कारोबार और उसकी तस्करी पर लगाम लगाया जा सके.
मणिपुर के पहाड़ी जिलों में पिछले कुछ दिनों में चलाए गए कई अभियानों के दौरान 470 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली अफीम की खेती को नष्ट कर दिया गया है, पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. एक संयुक्त टीम (मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ) ने शनिवार को कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुलेन गांव में 20 एकड़ से अधिक भूमि पर फैली अफीम की खेती को नष्ट किया. एक अन्य अभियान में जिले के कोटलन गांव की पहाड़ी श्रृंखला पर पुलिस ने सीआरपीएफ और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर लगभग 20 एकड़ में फैली पोपी की खेती को शनिवार को नष्ट किया. अभियान के दौरान खेती में उपयोग की जा रही 5 झोपड़ियों को भी जला दिया गया. 11 से 15 नवंबर तक उखरुल जिले में सुरक्षा बलों ने अन्य सरकारी एजेंसियों के सहयोग से सोमडाल, लामलाई चिंगफेई और लितान की पहाड़ी श्रृंखलाओं पर व्यापक अफीम विनाश अभियान चलाया. लगभग 436 एकड़ भूमि में फैली अफीम की खेती को नष्ट किया गया और वहां मिली 51 झोपड़ियों को जला दिया गया.
करोड़ों की अफीम जब्त
सुरक्षाबलों ने पहले 25 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया. बताया जा रहा है कि इससे कथित तौर पर 170 किलोग्राम से अधिक अफीम तैयार की जा सकती थी, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है. अफीम की खेती से संबंधित खुफिया सूचना के आधार पर असम राइफल्स ने CRPF और मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर शनिवार को कांगपोकपी ज़िले के लोइबोल खुलेन क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया. ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने संदिग्ध इलाकों की तलाशी ली. इसी दौरान अफीम की फसल लगे खेत मिले. इस बाबत जारी बयान में कहा गया कि चुनौतीपूर्ण इलाकों में चलाए गए इस अभियान से अवैध नशीली फसलों की खेती पर रोक लगाने और उग्रवाद व अन्य राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले फाइनेंशियल नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए असम राइफल्स के अटूट प्रयासों का स्पष्ट संकेत मिलता है.
इंटरस्टेट ड्रग तस्करों पर लगाम
इससे पहले 3 नवंबर को ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मणिपुर पुलिस ने दो इंटरस्टेट ड्रग तस्करों को लगभग 2 किलोग्राम ब्राउन शुगर के साथ सेक्माई पुलिस स्टेशन (इंफाल वेस्ट जिला) के अंतर्गत आने वाले सेक्माई पांगालताबी क्षेत्र से गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपियों की पहचान थौबल जिले के लिलोंग लाउ मंगा के मोहम्मद मुस्ताकिम और लिलोंग चिंगखम मनींग के उमर खान के रूप में की है. खुफिया जानकारी के आधार पर उगाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग, कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. इससे पहले, सुरक्षा बलों ने थौबल जिले के खोंगजोम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले तेंथा तुवाबंद के पहाड़ी तलहटी क्षेत्र से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए थे.
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु… और पढ़ें
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First Published :
November 16, 2025, 12:22 IST
470 एकड़ में था ‘सफेद सोने’ का भंडार, असम राइफल्स और CRPF ने कर दिया खाक

